अव्यपदेश्य
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अव्यपदेश्य ^१ वि॰ [सं॰]
१. जो कहा न जा सके । आनिर्वतनीय ।
२. न्यायानुसार निर्विकल्प । जिसमें विकल्प या उलट फेर न हो । निश्चनित ।
३. अनिर्दश्य ।
अव्यपदेश्य ^२ संज्ञा पुं॰
१. निर्विकल्प ज्ञान । २, ब्रह्म ।