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अव्यपदेश्य

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अव्यपदेश्य ^१ वि॰ [सं॰]

१. जो कहा न जा सके । आनिर्वतनीय ।

२. न्यायानुसार निर्विकल्प । जिसमें विकल्प या उलट फेर न हो । निश्चनित ।

३. अनिर्दश्य ।

अव्यपदेश्य ^२ संज्ञा पुं॰

१. निर्विकल्प ज्ञान । २, ब्रह्म ।