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अव्यवधान

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अव्यवधान ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. व्यवधान या अंतर का अभाव ।

२. निकटता । लगाव । रोक न होना । रुकावट का अभाव ।

३. लापरवाही [को॰] ।

अव्यवधान ^२ वि॰

१. बिना व्यवधान या रुकावट का ।

२. प्रकट । खुला हुआ ।

३. नग्न । आवरणहीन, जैसे भूमि ।

४. लापरवाह [को॰] ।