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अशम्भु

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अशंभु पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ अ=नहीं+ शम्भु=कल्याण] अकल्याण । अमंगल । अशुभ । अहित । उ॰—सुनो क्यों न कनकपुरी के राइ । डोलै गगन सहित सुरपति अरु पुहुमि पलट जग जाइ । नसै धर्म मन वचन काय करि शंभु अशंभु कराइ । अबला चलै, चलत पुनि थाकै, चिरंजीव सो मरई । श्री रधुनाथ प्रताप पतिव्रत सीता सत नहीं टरई ।-सूर (शब्द॰) ।