अश्वगति
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
शब्दसागर
अश्वगति संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. छंद:शास्त्र में नील वृत्त का दूसरा नाम । यह पाँच भगण और एक गुरु का होता है, जैसे-भा शिव आनन गौरि जबै मन लाय लखी । लै गई ज्यों सुठि भुषण धारि वितान सखी ।
२. चित्र काव्य का एक चक्र जिसमें ६४ खाने होते है ।
३. घोड़े की चाल [को॰]