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अष्टप्रधान

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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अष्टप्रधान संज्ञा पुं॰ [सं॰] राज्य के आठ प्रकार के प्रधान जैसे— वैद्य, उपाध्याय, सचिव, मंत्री, प्रतिनिधि, राज्याध्यक्ष, प्रधान और अमात्य । शिवाजी के अष्ठप्रधान ये थे—प्रधान, अमात्य, सचिव, मंत्री, लिपिक या लेखक, न्यायाधीश, सेनापति, और न्यायशास्त्री [को॰] ।