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असंसै

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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असंसै पु वि॰ [सं॰ असंशय] दे॰ 'असंशय' । उ॰—सकै दिखाय मित्र कौं जो तेहिं दोष असंसै, औ सहर्ष सत्रुहुँ के गुन कौं भाषि प्रसंसै । —रत्नाकर, भा॰ १-पृ॰ ४७ ।