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असरार

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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असरार ^१ क्रि॰ वि॰ [हि॰ सरसर] निरंतर । लगातार । बराबर । उ॰— कहो नंद कहाँ छाँड़े कुमार । करुणा करे यसोदा माता नैनन नीर बहै असरार ।— सूर॰ (शब्द॰) ।

असरार ^२ संज्ञा पुं॰ [अ॰ 'सिर' या 'सिर्र' का बहुव॰] भेद । राज । मर्म [को॰] ।