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अस्त्रचिकित्सा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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अस्त्रचिकित्सा संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]

१. वैद्यकशास्त्र का वह अंश जिसमें चीरफाड़ का विधान है ।

२. चीरफाड़ करना । अस्त्रप्रयोग । जर्राही । विशेष. —इसके आठ भेद हैं । (क) छेदन=नश्तर लगाना । (ख) भेदन=फाड़ना । (ग) लेखन=खरोंचना । (घ) वेधन=सुई की नोक से छेद करना । (च) मेषण=धोना । साफ करना । (छ) आहरण=काटकर अलग करना । (ज) विश्रावण=फस्द खोलना । (झ) सीना=सीना या टाँका लगाना ।