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अहमेव

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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अहमेव संज्ञा पुं॰ [सं॰] अहंकार । गर्व । घमंड । उ॰— (क) उदित होत शिवराज के, मुदित भए द्विज देव । कलियुग हट्यो मिट्यो सकल, म्लेच्छन को अहमेव । — भूषण (शब्द॰) । (ख) संन्यासी माते अहमेव । तपसी माते तप के भेव ।— कबीर ग्रं॰, पृ॰ ३०२ ।