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अहेतु

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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अहेतु ^१ वि॰ (सं॰)

१. बिना कारण का । बिना सबब का । निमित्त- रहीत ।

२. व्यर्थ । फजूल ।

अहेतु ^२ संज्ञा पुं॰ एक काव्यालंकार जिसमें कारणों के इकट्ठे रहने पर भी कार्य का न होना दिखलाया जाय; जैसे—है संध्या हूँ रागयुत दिवसहु संमुख नित्त । होत समागम तदपि नहिं बिधि गति अहो बिचित्र ।