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आँखफोडटिड्डा

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व्युत्पत्ति

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संस्कृत "आक" (मदार) + हिन्दी "फोड़ना" + "टिड्डा"। संयुक्त रूप से यह उस कीड़े को दर्शाता है जो मदार के पेड़ पर पाया जाता है।

IPA: /ãː.kʰ.foːɽ.ʈɪɖ.ɖaː/

आँखफोडटिड्डा¹ (पुं.)

  • अर्थ: हरे रंग का एक कीड़ा या फतिंगा जो मदार (आक) के पेड़ों पर पाया जाता है और उनकी पत्तियाँ खाता है।
  • आकार में उँगली के बराबर होता है, परंतु इसकी मूँछें बहुत लंबी होती हैं।
  • यह कीड़ा मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्रों में देखा जाता है।
  • खेतों के पास के मदार वृक्ष पर आँखफोडटिड्डा पाया गया।
  • बच्चों ने लंबी मूँछों वाले आँखफोडटिड्डे को पकड़ लिया।

उद्धरण स्रोत

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  • शब्दसागर — "हरे रंग का कीड़ा जो मदार की पत्तियाँ खाता है" के रूप में उल्लिखित।

प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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आँखफोडटिड्डा ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ आक=मदार + हिं॰ फोड़ना] हरे रंग का एक कीडा या फतिंगा जो प्रायः मदार के पेड़ पर रहता और उसकी पत्तीयाँ खाता है । होता तो है यह उँगली के ही बराबर, पर इसकी मुँछे बडी लंबी होती हैं ।