आँट

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

आँट संज्ञा पुं॰ [हिं अंटी]

१. हथेली में तर्जनी और अँगुठे के बीच का स्थान । विशेष—इसमें कभी कभी जुआरी लोग कौडी छुपा लेते हैं ।

२. दाँव । वश । उ॰—नए बीससियहि लखि नए दुरजन दुपह- सुभाइ । आँटे परि प्राननु हरत काँटैं जौं लगि पाई । बिहारी र॰, दो॰ ३११ । मुहा॰—आँट पर चढना = दाँव पर चढना । उ॰—जहाँ तक हो आँट पर न चढो । —चोटी॰,पृ॰१४४ ।

३. बैर । लागडाँट ।

४. गिरह । गाँठ । जैसे-धोती की आँट में रुपया रख लो ।

५. पुला । गट्ठा । पेंच । यौ॰—आँट साँट ।