आकबाक

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

आकबाक संज्ञा पुं॰ [प्रा॰ *वक्कइ > √बक से अनुध्व॰ .] अकबक । अंकबंड़ बात । ऊटपटाँगबात । उ॰— (क) आकबाक बकति बिया मैं बूड़ि बूड़ि जाति पी की सुधि आएँ जी की सुधि बुधि खोइ देत । — देव (शब्द॰) । (ख) । आकबाक बकि और की वृथा न छाती छोल । — सुंदर ग्र॰, भा॰ २, पृ॰ ७३७ ।