आकर्षना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

आकर्षना पुं॰ क्रि स॰ [सं॰ आकर्षण से नाम.] खींचना । उ॰— आकरष्यो धनु करन लगि, छाँड़े शर इकतीस ।— तुलसी (शब्द॰) । (ख) कालिंदी को निकट बुलायो जलक्रीड़ा के काज । लिये आकरषि एक छन में हलि कति समरथ यदुराज ।— सूर (शब्द॰) ।