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आघ्रांत

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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आघ्रांत ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰] ग्रहण के दस भेदों में से एक जिसमें चंद्रमंडल या सूर्यमंडल एक ओर मलिन देख पड़ता है । फलित ज्योतिष के अनुसार ऐसे ग्रहण से अच्छी वर्षा होती है ।