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आचरज

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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आचरज पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ आशचर्य] दे॰ 'अचरज' । उ॰—मुनि मन मोह आचरज भारी ।—मानस, १ ।१२४ ।