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आचिंत

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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आचिंत पु वि॰ [सं॰ अचिन्त्य] (परमेशर) जो चिंतन में नहीं आ सकता । उ॰—तेज अंड आचिंत का, दीन्हा सकल पसार । अंड शिखा पर बैठकर, अधर दीप निरधार ।-कबीर (शब्द॰) ।