आड़ी

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

आड़ी ^१ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ आड़ा]

१. तबला, मृदंग आदि बजाने का एक ढंग जिसमें किसी ताल के पूरे समय के तीसरे छठे या बारहवें भाग ही में पूरा ताल बजा लिया जाता है ।

२. चमारों की छुट्टी ।

आड़ी ^२ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰] दे॰ 'आरी' ।

आड़ी ^३ वि॰ [हिं॰ आड़+ ई (प्रत्य॰)] सहायक । अपने पक्ष का । विशेष—जब किसी खेल में लड़कों के दो दल हो जाते हैं तब एक लड़का अपने दल के लड़के को आड़ी कहता ।

आड़ी ^४ वि॰ स्त्री॰ पड़ी । बेंड़ी । मुहा॰—आड़ी करना= चाँदी सोने के वर्क पीटनेवालों की बोली में लंबे पीटे हुए वर्क चौड़ा पीटना ।