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आत्मगत

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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आत्मगत ^१ वि॰ [सं॰]

१. अंतरात्मा का । आंतारिक । उ॰—बढ़ रहा था तेज तप का हुआ कृशतर गात । खिली मुख पर दीप्ति कोई आत्मगत अज्ञात ।—पार्वती, पृ॰ १४५ ।

२. मान- सिक [को॰] ।

आत्मगत ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰] नाटक के पात्र का अपने ही मन में सोचना या विचार करना जिसे श्रोताओं को अवगत कराने के लिये जोर जोर से कहना पड़ता है । स्वगत ।