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आत्मप्रसार

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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आत्मप्रसार संज्ञा पुं॰ [सं॰] आत्मविस्तार । अपना फैलाव । उ॰— मनुष्य उस कोटि की पहुँची हुई सत्ता है जो उस अल्पक्षण में ही आत्मप्रसार को बद्ध रखकर सतुंष्ट नहीं हो सकती ।-रस॰, पृ॰ १४८ ।