आत्मम्भरि
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]आत्मंभरि संज्ञा पुं॰ [सं॰ आत्मम्भरि]
१. जो अकेले अपने को पाले ।
२. जो देवता पितर आदि को बिना अर्पित किए ही भोजन करे । उदरंभरि [को॰] ।
आत्मंभरि संज्ञा पुं॰ [सं॰ आत्मम्भरि]
१. जो अकेले अपने को पाले ।
२. जो देवता पितर आदि को बिना अर्पित किए ही भोजन करे । उदरंभरि [को॰] ।