आपद्धर्म
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]आपद्धर्म संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. वह धर्म जिसका विधान केवल आपत्काल के लिये हो । विशेष—जीविका के संकोच की दशा में जीवनरक्षा के लिय़े शास्त्रों में ब्राह्ममण, क्षत्रिय आदि के लिये बहुत से ऐसे व्यापारों से निर्वाह करने का विधान है, जिनका करना उनके लिये सुकाल में वर्जित है; जैसे,—ब्राह्ममण के लिये शस्त्रधारण, खेती और वणिज्य आदि का करना मना है, पर आपत्काल में इन व्यापारों द्बारा उनके लिये जीविका निर्वाह करने का बिधान है ।