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आरलौ

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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आरलौ पु संज्ञा पुं॰ [हिं॰ अड]

१. अड । हठ ।

२. निवेदन । अनुरोध । उ॰—वृषभानु की घरनि जसोमति पुकारयौ । पठै सुत काज क्यों कहति हौं लाज तजि, पाइ परिकै महरि करति आरयौ ।—सूर॰, १० ।१३६९ ।