आर्षेय
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]आर्षेय संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. ऋषियों का गोत्र और प्रवर ।
२. मंत्रद्रष्टा ऋषि ।
३. पठन पाठन, यजन याजन, अध्ययन आध्यापन आदि ऋषि कर्म ।
आर्षेय संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. ऋषियों का गोत्र और प्रवर ।
२. मंत्रद्रष्टा ऋषि ।
३. पठन पाठन, यजन याजन, अध्ययन आध्यापन आदि ऋषि कर्म ।