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आहवनीय़

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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आहवनीय़ (आग्नि) संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] कर्मकांड में तीन प्रकार की अग्नियों में तीसरी । यह गार्हपत्य अग्नि से निकालकर अभिमांत्रित करके यज्ञ के लिये मंड़प में पूर्व ओर स्थापित की जाती है ।