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आहारक

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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आहारक संज्ञा पुं॰ [सं॰] जैन शास्त्रनुसार एक प्रकार की उपलब्धि जिसके द्बारा चतुर्दश पूर्वाधारी मुनिराज अपनी शंका के समा- धान के लिये हस्त मात्र शरीर धारण कर तीर्थकारों के पास उपस्थित होते हैं ।