आहार्य
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]आहार्य ^१ वि॰ [सं॰]
१. ग्रहण किया हुआ । गृहीत ।
२. कृत्रिम । बनावटी ।
३. खाने योग्य ।
४. पूजनीय । पूज्य (को॰) ।
आहार्य ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. चार प्रकार के अनुभावों में चौथा । नायक और नायिका का परस्पर एक दूसरे का वेश धारण करना । उ॰— स्याम रँग धारि पुनि बाँसुरी सुधारि कर पीत पट पारि बानी माधुरी सुनवैगी । जरकसी पाग अनुराग भरेट सीस बाँधि कुंड़ल किरीटहू की छवि दरसावैंगी । याही हेत खरी अरी हेरति है बाट वाकी कैयो बहुरूपि हूँ को श्रीधर भुरावैगी । सकल समाज पगचानैगी न केहू भाँति आज वह बाल बृजराज बनि आवैगी ।—श्रीधर (शब्द॰)
२. अभिनय के चार प्रकारों में से एक । वेश भूषा आदिधारण करके अभिनय करना ।