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इषत्स्पृष्ट

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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इषत्स्पृष्ट संज्ञा पुं [सं॰] वर्ण के उच्चारण में एक प्रकार का आभ्यं- तर प्रयत्न जिसमें जिह्वा,तालु, मूर्धा और दंत को तथा दाँत, औष्ठ को कम स्पर्श करता है । 'य' ,'र','ल','व' ईषत्स्पृष्ट वर्ण है ।