इष्टापूर्त्त
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]इष्टापूर्त्त संज्ञा पुं॰ [सं॰] अग्निहोत्र करना, कुआँ, तालाब खुदाना, बगीचा, लगवाना आदि शुभ कर्म । विशेष— वेद का पठनपाठन, अतिथिसत्कार और अग्निहोत्र इष्ट कहलाते हैं; और कुआँ, तालाब खुदाना, देवमंदिर बनवाना, बगीचा लगाना आदि कर्म इष्टापूर्त कहलाते हैं । बड़े बड़े यज्ञों के बंद होने पर इष्टापूर्त्त का प्रचार अधिकता से हुआ है ।