उकासना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

उकासना पु क्रि॰ स॰ [हिं॰ उकसाना] उभाड़ना । ऊपर को फेंकना । ऊपर को खींचना । उ॰—गैयाँ बिडरि चलीं जित तित को सखा जहाँ तहँ घेरैं । वृषभ श्रृंग सों धरनि उकासत बल मोहन तन हेरैं ।—सूर॰ (शब्द॰) ।