उगहन

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

उगहन पु संज्ञा पुं॰ [हिं॰ उगना] उदित या प्रकट होने का भाव । उ॰—अगहन गहन समान, गहिमत मोर शरीर ससि । दीजै दरसन दान, उगहन होय जु पुन्यबल ।—नंद॰ ग्रं॰, पृ॰ १६९ ।