उगालदान

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

उगालदान संज्ञा पुं॰ [हिं॰ उगाल + फा॰ दान (प्रत्य॰)] थूकने या खखार आदि गिराने का बरतन । पीकदान । उ॰— आप जो मेरी डाढ़ी को अपना उगालदान समझते थे और मुझे ठीक इस तरह ठोकर मारते थे जैसे कोई अपनी देहली पर अनजान कुत्ते को मारता है ।—भारतेंदु ग्रं॰, १, पृ॰ ५६७ ।