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उजीर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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उजीर पु † संज्ञा पुं॰ [अ॰ वजोर] दे॰ 'वजीर' । उ॰—(क) पाप उजीर कह्यो सोइ मान्यो, धर्म सु धन लुटयौ । सूर॰, १ ।६४ । (ख) खिज्यौ देखि पतिसाह कौ कियौ उजीर सुबोध ।—हम्मीर रा॰, पृ॰ ५६ ।