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उज्त्रदारी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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उज्त्रदारी संज्ञा स्त्री॰ [अ॰ उज्त्र+फा॰ दार] किसी ऐसे मामले में उज्त्र पेश करना जिसके विषय में अदालत से किसी ने कोई आजा प्राप्त की हो या प्राप्त करने की दरखास्त दी हो । जैसे, दाखिल खारिज, बँटवारा, नीलाम आदि के विषय में ।