उझरना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]उझरना पु ^१ क्रि॰ स॰ [सं॰ उत्+सरण] ऊपर की और उठाना । उपर खिसकाना । उ॰—करु उठाइ घूँ घटु करत उझरत पट गुँझरौट, सुख मौटैं लूटी ललन सखि ललना की लौट ।—बिहारी र॰, दो ४२४ ।
उझरना पु ^२ क्रि॰ अ॰ [हीं॰ उजड़ना] उजड़ना । समाप्त होना । उ॰—कहै कबीर नट नाटिक थाके मंदला कौन बजावै । गये पषनियाँ उझरी बाजी, कों काहू के आवै ।—कबीर ग्रंथ॰ पृ॰ ११७ ।