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उताइल

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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उताइल पु वि [प्रा॰ उत्तावल] दे॰ 'उतायल' । उ॰— (क) गुरु मोहदीं सेवक मैं सेवा । चलै उताइल जोहि कर सेवा । जायसी ग्रं॰ पृ॰ ८ । (ख) दाधि सुत ओरि भख सुत सुभाव चल तहाँ उताइल आई । देखि ताहि सुर लिख कुबेर को बित्त तुरत समुझाई ।— साहित्य॰ १६६ ।