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उथलना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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उथलना क्रि॰ अ॰ [सं॰ उत्+हि॰ √हिल]

१. चलना । हिलना । उ॰—ये हदयविदारक वचन कहने को मेरी जीभ नहीं उथलती ।—श्रीनिवास ग्रं॰, पृ॰ १३१ ।२ । डगमगाना । डावाँडोल होना । चलायमान होना । उ॰—राजा शिशुवाल जरासंध समेत सब असुर दल लिए इस धूमधाम से आया । कि जिसके बोझे से लगे शेषनाग और पृथ्वी उथलने ।—लल्लू (शब्द॰) । यौ॰—उथलना पुथलना=(१) नीचे ऊपर होना । इधर का उधर होना । (२) उलटना । उलट पुलट होना । नीचे ऊपर होना । (३) पानी का कम होना । पानी का छिछला होना ।