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उदग्ग

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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उदग्ग पु वि॰ [सं॰ उदग्र, प्रा॰ उदग्ग]

१. ऊचाँ । उन्नत । उ॰— सुंडन झपट्टिकै उल्लट्टत उदग्गगिरि पदत सुसद्दबल किंमत बिहद्द है । —सुजान॰, पृ॰ ८ ।

२. प्रचंड । उग्र । उद्धत । उ॰—(क) सत एक हयंदनु लै उदग्ग हरिनारायन जिहिं प्रबल खग्ग । — सूदन (शब्द॰) । (ख) औरौ उदग्ग कर खग्ग धरी अग्ग पग्ग धर धरिय रन । —सुजान॰, पृ॰ २२ । (ग) मालव भूप उदग्ग चल्यो कर खग्ग जग्ग जित । —गोपाल (शब्द॰) ।