उद्गगीति
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]उद्गगीति संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]
१. आर्या छंद का एक भेद जिसके विषम पदों में १२ और दूसरे में १५ तथा चौथे में १८ मात्राएँ होती हैं । इसके विषम चरणों में जगण नहीं होता । इसे विगाथा और विगाहा भी कहते हैं । जैसे—राम भजहु मनलाई तन मन धन के सहित मीता । रामहिं निसि दिन ध्यावौ, राम भजहिं तबहिं जग जीता ।
२. जोर से गाना गाना (को॰) ।
३. साम का गाम (को॰) ।