उपँद
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]उपँद पु संज्ञा पुं॰ [हिं॰] दे॰ 'उपंग२' । उ॰ —हरि गोकुल की प्रीति चलाई, सुनई, सुनहु उपँग सुत मोहिं न बिसरत ब्रजबासी सुखदाई ।—सूर॰ १० ।३४२२ ।
उपँद पु संज्ञा पुं॰ [हिं॰] दे॰ 'उपंग२' । उ॰ —हरि गोकुल की प्रीति चलाई, सुनई, सुनहु उपँग सुत मोहिं न बिसरत ब्रजबासी सुखदाई ।—सूर॰ १० ।३४२२ ।