उपग
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]उपग संज्ञा पुं॰ [सं॰ उपाड्गया उप+अंग]
१. एक प्रकार का बाजा । नसतरगं । उ॰ —(क) चंग उपंग नाद सुर तूरा । मुहर बंस बाजे भल तूरा ।—जायसी (शब्द॰) । (ख) उघटन स्याम नृत्यति नारि । धरे अधर उपंग उपजैं लेत हैं गिरिधारि ।— सूर॰ १० ।१०५६ ।
२. उद्धव के पिता ।