उपचित्र
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]उपचित्र संज्ञा पुं॰ [सं॰] एक वर्णर्ध समवृत जिसके विषम चरणों में तीन सगण और एक लघु तथा एक गुरु हो एवं सम चरणों में तीन भगण और दो गुरु हों । जैसे,— करुणानिधि माधव मोहना । दीनदयाल सुनो हमारी जू । कमलापति यादव सोहना । मैं शरणागत हौं तुम्हारी जू ।—छंद॰, पु॰ २६९ ।