सामग्री पर जाएँ

उपरङ्ग

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

उपरंग पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ उपराग, उपरङ्ग,]

२. ग्रहण ।

२. निंदा । परीवाद ।

३. व्यसन ।

४. ग्रहों की हलचल । उ॰— अखर अभंगा सब उपरंगा नाहिन लंघा आधारम् ।—राम॰ धर्म॰, पृ॰ २३० ।