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उपरमण

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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उपरमण संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. विषय भोग से विरत हो जाना ।

२. वैधिक क्रियाऔं से विराग या उदासीनता ।

३. विश्रांति [को॰] ।