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उपविक्रय

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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उपविक्रय संज्ञा पुं॰ [सं॰] चोरों से या संदेह की स्थिति में किसी माल का खरीदा या बेचा जाना । विशेष—बृहस्पति के अनुसार घर के भीतर, गाँव के बाहर या रात में किसी नीच जाति के अदमी से कम दाम में कोई वस्तु खरीदना उपविक्रय के अंतर्गत है । ऐसा माल खरीदनेवाला अपराधी होता था । पर यदि वह खरीदने के पहले राज्य के सूचना दे देता था तो अपराधी नहीं होता था । (नारद) ।