उपही
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]उपही पु संज्ञा पुं॰ [सं॰उद्+पथिन्, प्रा॰ उत्पाहि । ऊपर जानेवाले] अपरिचित व्याक्ति । बाहरी या विदेशी आदमी बायबी । अजनबी । उ॰—(क) ये उपही कोउ कुँप्रर अहेरी । स्याम गोर धनुबान तूनधर बित्रकूट अब आय रहे री । —तुलसी ग्रं॰ पृ, ३
४४. । (ख) जानि पहिचानि बितु आपु ते आपुने हुबे प्रानहु तें प्य़ारे प्रियतम उपही ।—तुलसी ग्र॰ पृ॰ ३४२ ।