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उपात्यय

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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उपात्यय संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. प्रचलित रूढ़िया परंपरा का परित्याग ।

२. अशिष्टता । अभद्र आचरण [को॰] ।