सामग्री पर जाएँ

उपारना

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

उपारना पु क्रि॰ स॰ [सं॰ उत्पाटन, प्रा॰ उप्पाड़ण] दे॰ 'उपाटना' । उ॰—(क) खाएसि फल अरु बिटप उपारे ।—मानस, ५ ।१८ । (ख) सिआर का जञों सींग जनमए गिरि उपारब चाह ।— बिघापति पृ॰ ३५० ।