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उफनाना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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उफनाना क्रि॰ अ॰ [सं॰ उत्+फेन या उत्+फण् = गतौ]

१. उबलना । किसी तरह की आँच या गरमी पाकर फेन के सहित ऊपर उठना । उ॰—आँच पय उफनात सीचत सलिल ज्यों सकुचाइ । तुलसी ग्रं॰, पृ॰ ४२७ ।

२. पानी आदि का ऊपर उठना । हिलोर मारना । उमड़ना ।—भौंर भरी उफनात खरी सु उपाव की नाव तरेरति तोरति ।—घनानंद, पृ॰ १५ ।