उभेष
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]उभेष पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ उभयस्थ?] सदेह । अनिश्चय । उ॰—ऐसा अदभुत मेरे गुरि कथ्या, मै रह्या उभेषै । मुसा हस्ती सौं लड़ैं, कोई विरला पेषै ।—कबीर ग्रं॰ पृ॰ १४१ ।
उभेष पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ उभयस्थ?] सदेह । अनिश्चय । उ॰—ऐसा अदभुत मेरे गुरि कथ्या, मै रह्या उभेषै । मुसा हस्ती सौं लड़ैं, कोई विरला पेषै ।—कबीर ग्रं॰ पृ॰ १४१ ।